दिल लगाने की बात करते हो..

          ताज़ा ग़ज़ल 💐

दिल लगाने की बात करते हो
चोट खाने की बात करते हो !

किस ज़माने का ये भी रोना है
किस फ़साने की बात करते हो

होके जानाँ ये इतनी क्यूँ हरदम
जी जलाने की बात करते हो !!

प्यार देते नहीं हो तुम फिर भी
प्यार पाने की बात करते हो !!

छोड़ कर सारी दुनिया चाहत में
डूब जाने की बात करते हो !!

क्या इरादा है और क्यूँ आख़िर
घर पे आने की बात करते हो ?

दिल में लाखों हैं ग़म मगर तुम तो
मुस्कुराने की बात करते हो !!

मैं तिरे गीत गाता रहता हूँ
तुम ज़माने की बात करते हो

क्या तसव्वुर हैं ये तुम्हारे 'जहद'
लाख आने की बात करते हो !!

     ~ जावेद जहद

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