यूँ तो मेरी ज़िंदगी में आज तुम शामिल हुए..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
यूँ तो मेरी ज़िंदगी में आज तुम शामिल हुए
हाँ मगर पहले से हैं दो दिल सनम इक दिल हुए
तेरी-मेरी आशिक़ी का है ये रिश्ता तय-शुदा
दो सितारे आसमां में कबसे हैं झिलमिल हुए
कैसा तेरा प्यार है ये, कैसी तेरी क़ुर्बतें
हम ज़माने वालों से और ख़ुद से भी ग़ाफ़िल हुए
तुम हमारे साथ न थे तो कोई साहिल न था
तुम हमारे पास आए और मिरे साहिल हुए !
जबसे तूने हुस्न अपना नाम मेरे कर दिया
तबसे हम भी साथ तेरे रौनक़-ए-महफ़िल हुए
दिल से दिल का मेल भी तो क़िस्मतों का खेल है
कितने आशिक़ डूबे इसमें कितने ही झिलमिल हुए
इश्क़ में तुम चोट खाके मुस्कुराते फिर रहे
तुम भी ये कैसे 'जहद' घायल हुए, बिस्मिल हुए
#जावेद_जहद
Comments