आपका ये ख़त जो आया, शुक्रिया..
#ताज़ा_ग़ज़ल
आपका ये ख़त जो आया, शुक्रिया !
प्यार का पैग़ाम लाया , शुक्रिया !!
कह न पाता मैं तो हाल-ए-दिल कभी
आपने ही दिल बढ़ाया, शुक्रिया !!
मेरी भी आँखों में देखो क्या हसीं
चाँद कोई जगमगाया, शुक्रिया !!
मुझको हर ऐब-ओ-हुनर के साथ में
आपने अपना बनाया, शुक्रिया !!
आपने पहले मुझे आशिक़ किया
फिर मुझे शायर बनाया, शुक्रिया
बात कोई मुझमें भी तो ख़ास है
आपने मुझको बताया, शुक्रिया
ऐ ग़ज़ल तेरी मोहब्बत में 'जहद'
क्या कहे,क्या-क्या न पाया, शुक्रिया
#जावेद_जहद
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