बस मेरी मोहब्बत में तुम ख़ूब सँवर जाना..

         ताज़ा ग़ज़ल 💐

बस मेरी मोहब्बत में  तुम ख़ूब सँवर जाना
इस दिल में उतर जाना, इस जान में भर जाना

पहलू में तुम्हारे मैं  आकर जो सिमट जाऊं
बाँहों में मिरी तुम भी फूलों सा बिखर जाना

दो फूल से गालों पे  लब कैसे मचलते हैं
तुम पास जो आए तो लब ने ये हुनर जाना

अब तुमसे बिछड़ के तो अच्छा है तड़पने से
इस ज़ुल्फ़ के साए में रहते हुए मर जाना !!

जब प्यार किया है तो  हम प्यार निभाएंगे
सब कहते हैं ये जानम, तुम काम ये कर जाना

ये दर भी तुम्हारा है, वो घर भी तुम्हारा है
जो मन को तिरे भाए, ऐ जान उधर जाना

मैं राह-ए-मोहब्बत का इक अंधा मुसाफ़िर हूँ
इसको ही 'जहद' मैंने बस अपना सफ़र जाना

        ~ जावेद जहद 

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