फ़िक्र दिल में है नज़र काग़ज़ पर..

     ताज़ा ग़ज़ल 💐

फ़िक्र दिल में है नज़र काग़ज़ पर
कुछ तो आएगा उभर काग़ज़ पर

फूल भेजा है उधर प्यार भरा
प्यार आएगा इधर काग़ज़ पर

हम हैं दीवाने क़लम, काग़ज़ के
हम दिखाते हैं हुनर काग़ज़ पर

क्या ज़रूरत हमें है लड़ने की
फ़ैसला करलें अगर काग़ज़ पर

इल्म के जितने भी थे मुझको मिले
रख दिए लाल-ओ-गुहर काग़ज़ पर

ये मिरे शेर नहीं हैं यारो
हैं मिरे दिल्लो-जिगर काग़ज़ पर

दिल में इक बार उठी ऐसी लहर
बन गया दिल का भँवर काग़ज़ पर

कुछ कहीं हो तो नज़र आता है
जा-ब-जा उसका असर काग़ज़ पर

हम कहीं और रहें या न रहें
हम रहेंगे ही अमर काग़ज़ पर

चाँद और तारे, चमन, गीत, ग़ज़ल
सब किए उनकी नज़र काग़ज़ पर

कुछ ग़ज़ल होने से रह जाती है
कुछ तो आती है सँवर काग़ज़ पर

भेज दो मुझको कहीं बस यूँ ही
मत करो शह्र-बदर काग़ज़ पर

हम भी जंगी हैं 'जहद' मानते हैं
हम तो लड़ते हैं मगर काग़ज़ पर

     ~ जावेद जहद

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