मत पूछिए ग़ज़ल से क्या-क्या बना लिया..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
मत पूछिए ग़ज़ल से क्या-क्या बना लिया
इस फ़न से हर नज़र को अपना बना लिया
मुश्किल सुख़न से होती हैं सबको उलझनें
आसान इस लिए ही लहजा बना लिया !!
सच बात लब पे आए अब कैसे दोस्तो
दिल में तो झूट ने है डेरा बना लिया !!
तुम भी तो हो गए हो इक हुक्म के ग़ुलाम
हमने भी इक सदा को आक़ा बना लिया !
आपस के मस्अलों में ग़ैरों का दख़्ल क्यों
ऐ दोस्त तूने ये क्या धंधा बना लिया ??
कुछ ऐसे शौक़ में अब लोगों ने डूब कर
ख़ुद को है इक तरह से तन्हा बना लिया
देते ही जा रहे हैं दुनिया को दर्द-ओ-ग़म
दुनिया ने कैसा-कैसा नेता बना लिया !!
छोड़ा 'जहद' किसी को तो छोड़ ही दिया
रिश्ता बना लिया तो रिश्ता बना लिया !!
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