जिसका दिल ग़म से भरा रहता है..
ताज़ा ग़ज़ल
जिसका दिल ग़म से भरा रहता है
वो तो मज़बूत बड़ा रहता है !!
बात तो करता है वो सेवा की
पर लुटेरा ही बना रहता है
वो हमें राह दिखाए कैसे
ख़ुद फँसा राहनुमा रहता है
जो नज़र आते हैं ख़ुशहाल बहुत
हाल उनका भी बुरा रहता है !
वस्ल के फूल बिखर जाते हैं
हिज्र का ज़ख़्म हरा रहता है
उनसे जितना भी मिला जाए मगर
उनके होंठों पे गिला रहता है !!
जाने क्यों भीड़ से वो भागे है
जाने क्यों तन्हा सदा रहता है
ख़ाक में जिस्म तो मिल जाते हैं
रूह का जलवा सदा रहता है !
आके फिर धड़कनों को बढ़वा दो
दिल का सीमाब घटा रहता है !!
शेर कहते रहो हर वक़्त 'जहद'
इस तरह ज़ह्न खुला रहता है !
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