हम सेहतयाब न अब कोई दवा से होंगे..
#ताज़ा_ग़ज़ल 💐
हम सेहतयाब न अब कोई दवा से होंगे
अपने दुख दूर तो ग़ज़लों की ग़िज़ा से होंगे
अब कोई साज़ भी हमको तो नहीं भाएगा
हम तो पागल तिरी पायल की सदा से होंगे
उनके पहलू की जगह होगी मिरा बाग़ हसीं
और गेसू घने मुझपे तो घटा से होंगे !!
तू अगर तोड़ गया प्यार भरा दिल तो बता
हम ख़फ़ा तुझसे या तेरी वो जफ़ा से होंगे
क्या कहें इश्क़ की वो पहली हवा कैसी लगी
आप तो मिल ही चुके बाद-ए-सबा से होंगे !!
हम तिरे पास तो रह कर भी सनम प्यासे हैं
तुझसे हैं दूर जो कितने वो पियासे होंगे !!
इस जहाँ से ये 'जहद' भर गया जो दिल मेरा
फिर तो रिश्ते मिरे सारे ही ख़ुदा से होंगे !!
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