उनकी आँखें मय भरी और मिरा दीवाना दिल..
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उनकी आँखें मय भरी और मिरा दीवाना दिल
पीते-पीते पी गया सारा ही मयख़ाना दिल !!
उनसे मिलते ही नज़र हाए ये दीवाना दिल
मुझसे ही लो हो गया मेरा ये बेगाना दिल
महफ़िलों में आज फिर कैफ़-ओ-मस्ती के लिए
ढूँढता है आँखों से पीने का पैमाना दिल !!
मस्ती में लहराता था , गीत गाता था बहुत
दुख लगा तो भूल बैठा ये सारा गाना दिल
काम अपना आँखों से कर गुज़रता है ये तो
सोचो क्या-क्या जाने है ये भी तो कर जाना दिल
देखने में छोटा सा ये तो लगता है 'जहद'
है हक़ीक़त में मगर इक बड़ा तहख़ाना दिल
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