Posts

चश्म-ए-गिर्या से तो दामन को भिगोना होगा..

Image
        #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 चश्म-ए-गिर्या से तो दामन को भिगोना होगा अपने आमाल ही ऐसे हैं कि  रोना होगा !! बिखरे जाते हैं बशर नफ़रतों की आँधी में फिर इन्हें प्यार के धागे में पिरोना होगा !! भर गई बदनुमा दाग़ों से ये दुनिया इतनी सबको ही मिलके इसे ख़ूब ही धोना होगा ख़ुशनुमा चाहते हो देखना गर दुनिया को ख़्वाब कुछ ख़ुशनुमा आँखों में संजोना होगा क्या तलातुम है मोहब्बत के समंदर में सनम पार होगी मिरी कश्ती कि डुबोना होगा ? उस करम को भला मैं कैसे भुला पाऊंगा जो करम तेरी निगाहों का सलोना होगा ! चाहता हूँ कि हर इक चीज़ यहीं मिल जाए सोचता हूँ कि मगर सब यहीं खोना होगा ! फ़िक्र क्या करते हो हर वक़्त ज़माने वालो बस वही होगा जो तक़दीर में होना होगा ! दिन ये कहता है कि बस भागते ही जाओ 'जेहद' रात कहती है कि ऐ जान तुझे सोना होगा !!             #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

दिल मस्ती में लहराए, लहराने को क्या कहिए..

Image
      #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 दिल मस्ती में लहराए, लहराने को क्या कहिए और ये कभी घबराए,  घबराने को क्या कहिए नागिन सी नहीं हैं जो, नागिन की तरह वो भी हैं राहों में बलखाएं,  बलखाने को क्या कहिए दिन-रात तड़पते हैं  वो बांहों में आने को आ जाएं तो शर्माएं,  शर्माने को क्या कहिए छुप-छुप के लुभाते हैं जो दूर खड़े मुझको गर पास वो आजाएं, आजाने को क्या कहिए वो हुस्न पे अपने ही, अपनी ही निगाहों को हैं डाल के इतराएं, इतराने को क्या कहिए माशूक़ के कूचे में गर वस्ल न हो मुमकिन तो और कहीं लग जाएं, लग जाने को क्या कहिए मुझको मिरी जानाँ ने  जाते हुए समझाया ये दर्द-ए-जफ़ा सहना, सह जाने को क्या कहिए जीवन की हिकायत में ख़ुशियों की शिकायत क्या ग़म खाना ही बेहतर है, ग़म खाने को क्या कहिए देखा न कभी तूने  बीमार-ए-मोहब्बत को मरता है 'जेहद' तेरा, मर जाने को क्या कहिए             #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

उनकी नज़र का जाम पिए जा रहा हूँ मैं..

Image
      #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 उनकी नज़र का जाम पिए जा रहा हूँ मैं कितना बड़ा ये काम किए जा रहा हूँ मैं छलकी हुई शराब को कैसे मैं छोड़ दूँ पीने की चीज़ है तो पिए जा रहा हूँ मैं सबकुछ लुटा के इश्क़ की लज़्ज़त उठाइये जैसे कि मुस्कुरा के लिए जा रहा हूँ मैं !! इतना है उनसे इश्क़ कि दामन को वो मिरे बस चाक कर रहे हैं सिए जा रहा हूँ मैं !! दिल में भरा है मेरे तो बस एक ही का इश्क़ सजदा भी एक ही को किए जा रहा हूँ मैं !! दुनिया मुझे चलाएगी क्या अपनी राह पर दुनिया को अपनी राह लिए जा रहा हूँ मैं कुछ साफ़ जब नहीं हैं सवालात उनके तो क्यों उनका फिर जवाब दिए जा रहा हूँ मैं दुनिया से क़िस्से लेके उन्हें शेर में सजा दुनिया को फिर से सौंप दिए जा रहा हूँ मैं अपनी तो शायरी से 'जेहद' मुतमइन हैं सब हैरां भी हर किसी को किए जा रहा हूँ मैं !!             #जावेेद_जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

साक़ी मुझे दिखा दे मयख़ाना ज़िंदगी का..

Image
      #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 साक़ी मुझे दिखा दे मयख़ाना ज़िंदगी का होने लगा है ख़ाली  पयमाना ज़िंदगी का मय वस्ल की इनायत में देर कर न इतनी यूँ ही छलक न जाए पयमाना ज़िंदगी का कैसा ये दौर आया,  कैसा ये ग़म है छाया क्यों सोज़ में है डूबा अफ़साना ज़िंदगी का मुझको तू देखकर अब ऐ जान यूँही मत जा तुझ पे ही मर मिटा है दीवाना ज़िंदगी का !! किसको नहीं है उलफ़त इस ज़िंदगी से यारो सब को ही देखता हूँ मस्ताना ज़िंदगी का !! सजदे हज़ार हों या लाखों करें 'जेहद' हम होगा अदा न हरगिज़ शुकराना ज़िंदगी का                जावेेद जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

गली में आपकी किस रोज़ इज़्दिहाम नहीं..

Image
        #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 गली में आपकी किस रोज़ इज़्दिहाम नहीं बताओ किस की नज़र है जो सू-ए-बाम नहीं तुम्हीं कहो कि किया किसने एहतराम नहीं या कौन आया तुम्हारे कोई भी काम नहीं ? तुम्हारे वास्ते क्या-क्या लुटा दिया मैंने मगर कभी भी लिया तूने मेरा नाम नहीं कहूँ मैं क्या कि मुझे हो गया वहीं सकता हुआ जो घर में बुला के वो हम-कलाम नहीं जहाँ भी चाहा वहीं तुझको पा लिया मैंने ये माना हमने कि यकजा तिरा क़याम नहीं हुआ जो रुख़ का तिरे और ज़ुल्फ़ का पागल फिर उसकी सुब्ह नहीं और उसकी शाम नहीं कहो जो कहना है मौक़ा मिला है तुमको 'जेहद' कि आज तुमसे है ना-ख़ुश ये ख़ुश-ख़िराम नहीं           जावेेद जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

तेरे वादे पे ऐतबार किया..

Image
     #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 तेरे वादे पे ऐतबार किया और कुछ भी न तूने यार किया सब तो वैसा है जैसा था पहले कम कहाँ तूने ख़ल्फ़िशार किया तुम हमें प्यार भी नहीं देते हमने तो तुमपे सब निसार किया हम तो तन्हा थे चैन से लेकिन तेरी उल्फ़त ने बेक़रार किया वस्ल ने तेरी आँखों की मय दी हिज्र ने तेरे बादा-ख़्वार किया मैं तो ज़र्रा हूँ जानते हो 'जेहद' फिर सितारों में क्यों शुमार किया            जावेेद जेेेहद करन सराय, सासाराम, बिहार, इंडिया

लगा हुआ है सभी को वो वरग़लाने में..

Image
       #ताज़ा_ग़ज़ल 💐 लगा हुआ है सभी को वो वरग़लाने में ज़रूर आग लगा देगा वो ज़माने में !! पड़े हो तुम जो हमें ख़ाक में मिलाने में लगे हैं हम भी तुम्हें अर्श पे उठाने में !! बस एक झटके में दुनिया तबाह कर डालो ये जान देते हो क्यों छोटे बम गिराने में ? अगर वो पहले से महफ़ूज़ हैं तो फिर अक्सर ये चीख़ उठती है क्यों उनके आशियाने में ? अजब उदासी का आलम है चाहे देखो जिधर ख़ुशी, ये क्या हुआ है तेरे कारख़ाने में ? ये ज़िंदगी तो है लाखों जतन का गहवारा क़ज़ा का क्या है, चली आती है बहाने में मिरा तो ख़ुद ही तड़पता है दिल सभी के लिए मज़ा मिलेगा मुझे किसका दिल दुखाने में ? हमें दहाड़ रहे हैं 'जेहद' वही अब तो दबे जो रहते थे हमसे किसी ज़माने में न फेरो उनके इरादों पे तुम 'जेहद' पानी समझते हैं जो भलाई ही डूब जाने में !!            जावेेद जेेेहद (जमशेद अख़्तर) करन सराय, सासाराम, रोहतास, बिहार, इंडिया